उत्तर प्रदेश में अब इंटरनैशनल क्रिकेट मैच और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मैच एंटरटेमेंट टैक्स के दायरे में आएंगे। योगी आदित्यनाथ सरकार ने यह फैसला उस विसंगति को दूर करने के लिए लिया है जिसके चलते उत्तर प्रदेश को राजस्व का नुकसान हो रहा था। बता दें कि दिल्ली और महाराष्ट्र की राज्य सरकारें कई सालों से क्रिकेट मैचों पर एंटरटेनमेंट टैक्स ले रही हैं।

राज्य में मौजूदा समय में केवल एक इंटरनैशनल क्रिकेट स्टेडियम है, कानपुर का ग्रीन पार्क। हालांकि जल्द ही लखनऊ में भी 50,000 दर्शकों की क्षमता वाले एक इंटनैशनल क्रिकेट स्टेडियम के शुरू होने की संभावना है। आईपीएल के चेयरमैन राजीव शुक्ला ने हाल ही में कहा था कि लखनऊ में अगले सत्र से ट्वेंटी-20 क्रिकेट लीग के मैच हो सकते हैं। कानपुर में बीते सप्ताह आईपीएल के दो मैच हुए थे।

उत्तर प्रदेश के अडिशनल एंटरटेनमेंट टैक्स कमिश्नर अवधेश कुमार तिवारी ने बताया, ‘पहले कुछ कन्फ़्यूज़न के चलते क्रिकेट मैचों पर एंटरटेनमेंट टैक्स नहीं लगााया जा रहा था। नई सरकार ने फैसला लिया है कि अब राज्य में इंटरनैशनल क्रिकेट मैचों और आईपीएल के मैचों पर यह टैक्स लगेगा। 2 मई को राज्य सरकार ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया था।’

उन्होंने कहा, ‘यह (एंटरटेनमेंट टैक्स) टिकट की राशि का 25% होगा और इससे मिला राजस्व भी पर्याप्त होगा। आईपीएल मैच में टिकट की कीमत काफी है। यह कमर्शल वेंचर है इसलिए एंटरटेनमेंट टैक्स के दायरे में आता है।’ 2 मई को जारी किए गए आदेश के अनुसार योगी सरकार ने इस मुद्दे पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया। तिवारी ने बताया कि राज्य सरकार ने दिल्ली सरकार से भी बातचीत की थी जिसने बताया कि दिल्ली में सभी क्रिकेट मैचों पर एंटरटेनमेंट टैक्स लगता है।

कुछ राज्यों जैसे कि छत्तीसगढ़ में ज्यादा से ज्यादा मैच हों इसके चलते वहां की राज्य सरकार ने आईपीएल से एंटरटेनमेंट टैक्स खत्म कर दिया है। 2010 में महाराष्ट्र सरकार ने भी आईपीएल मैचों से इस टैक्स को खत्म कर दिया था लेकिन विवाद होने के चलते इसे फिर से लागू कर दिया था।