प्रमुख दैनिक समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी कर आयकर विभाग ने आयकर और कंपनी कर का भुगतान नहीं करने वालों के नाम प्रकाशित किए हैं।

आयकर विभाग ने कर नहीं चुकाने वालों को शर्मिंदा करने की अपनी रणनीति के तहत आज दिल्ली की ऐसी पांच कंपनियों और लोगों के नाम प्रकाशित किए हैं जिनके ऊपर 10 करोड़ रुपए से अधिक का कर बकाया है। प्रमुख दैनिक समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी कर आयकर विभाग ने आयकर और कंपनी कर का भुगतान नहीं करने वालों के नाम प्रकाशित किए हैं। विज्ञापन में इन इकाइयों को ‘बकाया कर जल्द’ चुकाने को कहा गया है। आयकर विभाग ने पिछले कुछ सालों के दौरान इस रणनीति को अपनाया है जिसके तहत वह आयकर नहीं चुकाने वालों को शर्मिंदा करने के लिए उनके नाम समाचार प्रत्रों में प्रकाशित करवाता है। अब तक विभाग ऐसी 96 कंपनियों और लोगों के नाम

प्रकाशित करवा चुका है जिनके ऊपर भारी कर देनदारी है। इन कंपनियों का या तो अता पता नहीं लग पा रहा है या फिर उनके पास वसूली के लिए कोई संपत्ति ही नहीं है। विभाग ने जो ताजा सूची जारी की है उसमें दिल्ली की पांच इकाइयां हैं जिन्होंने कथित रूप से कर का भुगतान नहीं किया है। विभाग का इस सूची को जारी करने का मकसद आम जनता में भी जागरच्च्कता पैदा करना है ताकि किसी को उन कंपनियों अथवा लोगों के बारे में जानकारी हो तो वह विभाग को सूचित कर सकें। समाचार पत्र में

यह विज्ञापन नई दिल्ली के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने जारी किया है। दिल्ली स्थित इन पांच इकाइयों पर कुल मिलाकर 10.27 करोड़ रुपए का कर बकाया है। वहीं चेन्नई पुलिस ने चलन में बंद हो चुके करीब 45 करोड़ रुपए को सीज किया है। जिस व्यक्ति के पास से चलन में बंद हो चुके करोड़ों रुपए को सीज किया है उसकी पहचान एक व्यापारी व वकील के रूप में की गई है। पुलिस ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी ने 500, 1000 रुपए के पुराने नोट जकारिया कॉलेनी में स्थित घर में एक छोटी सी दुकान में इन रुपए को छिपाकर रखा था। सूत्रों के अनुसार घर में रखे पुराने नोटों की जानकारी पुलिस को एक भरोसेमंद सूत्र के जरिए मिली थी। जिसके बाद असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया।