गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के तहत अधिकतर वस्तुओं की टैक्स दरों को लेकर केंद्र और राज्यों के बीच सहमति बन गई है। श्रीनगर में गुरुवार को शुरू हुई दो दिवसीय जीएसटी काउंसिल की बैठक में रोजमर्रा की चीजों पर टैक्स रेट घटाने का फैसला लिया गया। नए टैक्स सिस्टम के तहत कई जरूरी चीजों की कीमतें कम हो सकती हैं। अनाज और दूध को टैक्स मुक्त कर दिया गया है। प्रोसेस्ड फूड भी सस्ते हो जाएंगे।

काउंसिल ने पहले दिन 6 चीजों को छोड़ अन्य सभी वस्तुओं पर 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत की टैक्स दर तय कर दी है। मिठाई, खाद्य तेल, चीनी, चायपत्ती, कॉफी को 5% टैक्स स्लैब में रखा गया है। हेयर ऑइल, टूथपेस्ट और साबुन पर 18 फीसदी टैक्स लगाया जाएगा। अभी इन पर 28 फीसदी टैक्स लगता है। कोयले और मसालों पर भी 5% टैक्स लगेगा। एंटरटेनमेंट पर 18 पर्सेंट टैक्स लगेगा। जीवनरक्षक दवाओं को 5 प्रतिशत के टैक्स स्लैब में रखा गया है।

कोयले पर टैक्स की दर 5 प्रतिशत होगी, जबकि अभी इस पर 11.69 प्रतिशत का कर लगता है। इससे बिजली उत्पादन सस्ता होगा। जेटली ने संवाददाताओं से कहा, ‘हमने (आज की बैठक में) ज्यादातर वस्तुओं के लिए कर दरों और छूट सूची को अंतिम रूप दे दिया है।’ उन्होंने कहा कि बैठक के पहले दिन 1211 में से छह को छोड़कर बाकी सभी वस्तुओं के लिए जीएसटी दर तय कर ली गई।

सूत्रों के मुताबिक छोटी कारों पर 28 फीसदी टैक्स के अलावा सेस लगाया जाएगा। लग्जरी कारों पर टैक्स के अलावा 15% सेस जोड़ा जाएगा। एसी और फ्रिज को भी 28 फीसदी टैक्स दायरे में रखा गया है। हालांकि अभी इन पर अभी 30-31 फीसदी टैक्स लगता है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मीडियाकर्मियों से कहा, ‘किसी भी वस्तु पर बढ़ोतरी नहीं की गई है। कई चीजों पर टैक्स की दरें कम हो जाएंगी। विचार यह है कि जीएसटी का असर महंगाई बढ़ाने वाला ना हो।’ वहीं राजस्व सेक्रटरी हसमुख अधिया ने रिपोटर्स को बताया कि 1211 आइटम्स में से 7% को छूट के दायरे में रखा गया है।

14% वस्तुओं को 5% के दायरे में रखा गया है। 17% पर 12% टैक्स लगेगा। 43% आइटम्स को 18 पर्सेंट टैक्स लिया जाएगा। अन्य 19% वस्तुओं पर 28 फीसदी टैक्स देना होगा। सोने और बीड़ी पर टैक्स स्लैब का फैसला शुक्रवार को होगा। सर्विस टैक्स की दरें भी दूसरे दिन ही तय की जाएंगी।