पेट्रोल-डीजल के खुदरा मूल्यों का रोजाना संशोधन करने के सरकार के फैसले से तेल कंपनियों के मार्जिन में सुधार आएगा और उन्हें अच्छा मुनाफा होने की संभावना है। इंडिया रेटिंग ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट में कहा कि सरकार के इस कदम की सराहना किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2010 में पेट्रोल के दाम को, 2014 में डीजल के दाम को नियंत्रण मुक्त करने, एलपीजी से संबंधित गिव इट अप योजना, पीडीएस केरोसिन आवंटन घटाने और उसके दामों में क्रमिक वृद्धि के बाद मार्केटिंग सेक्टर में यह एक अन्य सकारात्मक ढांचागत बदलाव है।

इन सभी कदमों से ऑइल मार्केटिंग कंपनियों की बाजार उधारी में भी काफी कमी आई। वर्ष 2014 से लेकर 2016 के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों की बाजार उधारी 29 प्रतिशत घट गई। इसके साथ ही उनकी ब्याज अदायगी भी 37 प्रतिशत तक कम हुई है। सरकार ने पेट्रोल, डीजल के दाम रोजाना आधार पर तय करने के लिए देश के पांच नगरों में इसकी परीक्षण के तौर पर शुरुआत की गई है।

पुद्दुचेरी, आंध्र प्रदेश में विजाग, राजस्थान में उदयपुर, झारखंड में जमशेदपुर और चंडीगढ़ में एक मई से दैनिक आधार पर ईंधन के दाम तय किए जाने शुरू कर दिया गया है। इसे धीरे-धीरे देश के अन्य शहरों में भी शुरू किया जाएगा। दरअसल, रोजाना बदलाव होने पर पेट्रोल, डीजल की कीमत में मामूली अंतर पड़ेगा। ऐसे में रेट रिवाइज करने को लेकर राजनीतिक दबाव खत्म हो जाएगा।

गौरतलब है कि अभी सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां महीने की पहली और 16वीं तारीख को पेट्रोल और डीजल के दाम की समीक्षा करती हैं। पिछले 15 दिनों में इंटरनैशनल प्राइस और करेंसी एक्सचेंज रेट के आधार पर यह बदलाव किया जाता है। पायलट प्रोजेक्ट के लिए इंटरनैशनल मार्केट के डेली प्राइसेज को आधार बनाया जाएगा।