एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, कोटक, ऐक्सिस जैसे प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के साथ उन सारे बैंकों को अपने ग्राहकों को आधार एनरॉलमेंट और अपडेट फसिलटी देनी होगी, जिन्हें सरकार ने इस साल 31 दिसंबर तक अपने बैंक अकाउंट्स से आधार को लिंक करने के लिए कहा है। केंद्र ने कहा है कि अगर बैंक खातों को आधार से लिंक नहीं किया जाता तो संचालित नहीं किए जा सकेंगे।

इससे पहले 1 जुलाई के नोटिफिकेशन में सरकार ने वेरिफिकेशन के बाद सभी बैंक खातों को आधार से लिंक करने का आदेश दिया था। इस नोटिफिकेशन के लिए प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग (पीएमएलए) में संशोधन भी किया गया था। अधिकतर बैंक आधार और बैंक खाते को लिंक करने की ऑनलाइन फसिलटी दे रहे हैं, लेकिन माना जा रहा है कि कई लोगों के पास अब तक आधार नहीं है या उनका पता या फोटोग्राफ, उनके बैंक रिकॉर्ड के ऐसे डेटा से मेल ना खाते हों। ऐसे में बैंक आधार से उनके खाते को लिंक करने की रिक्वेस्ट ठुकरा सकते हैं। यह गंभीर मसला है क्योंकि जो लोग बैंक खातों को आधार से लिंक नहीं करेंगे, वो 31 दिसंबर के बाद कोई ट्रांजैक्शन नहीं कर पाएंगे।

हाल ही में नया बैंक खाता खोलने के लिए भी आधार को अनिवार्य बनाया गया था। यूआईडीएआई के सीईओ अजय भूषण पांडे ने ईटी को बताया, ‘लोगों को बैंक खाते को आधार से लिंक करने में परेशानी ना आए, इसलिए हमने मौजूदा रेग्युलेशंज में बदलाव किया है। इसके बाद सभी बैंकों को अपने ऑफिस में उन कस्टमर्स को आधार एनरॉलमेंट फसिलटी ऑफर करनी होगी, जिनके पास यह नहीं है। ग्राहकों को इसके लिए किसी आधार एनरॉलमेंट सेंटर का चक्कर नहीं काटना होगा।’ उन्होंने बताया कि अगर किसी के पास आधार है, लेकिन डीटेल्स पुराने हैं और बैंक के रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे तो बैंक जरूरी दस्तावेज दिखाने पर उसे अपडेट करेगा।

अभी तक सिर्फ सरकारी बैंक ही यूआईडीएआई रजिस्ट्रार हो सकते थे। यूआईएडीआई ने अब आधार (एनरॉलमेंट ऐंड अपडेट) रेग्युलेशंज, 2016 को में संशोधन किया है। इससे सभी शेड्यूल्ड बैंक यूआईएडीआई रजिस्ट्रार बन जाएंगे और उनके पास आधार एनरॉलमेंट का अधिकार होगा। आधार रेग्युलेशंज में अब तक कहा गया था कि कोई केंद्रीय या राज्य सरकार का डिपार्टमेंट या एजेंसी ही आधार एनरॉलमेंट सर्विस दे सकती है। यह अधिकार सब्सिडी, बेनेफिट या किसी सर्विस के लिए उन्हें दिया गया था।

संशोधन के बाद यह कहा गया है कि किसी भी ऑब्लिगेशन को पूरा करने के लिए ऐसा किया जा सकता है। इससे आधार और बैंक खाते को लिंक करने की बात भी इसमें आ गई है। अभी तक हमें आधार कार्ड को अपडेट करने के लिए यूआईडीएआई सेंटर ढूंढना पड़ता था। संशोधन के बाद ऊपर जिन एजेंसियों का जिक्र किया गया है, उनके साथ बैंकों को भी इसके लिए अधिकृत कर दिया गया है।