लोकसभा ने बुधवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली की ओर से पेश वित्त विधेयक को चर्चा के बाद पारित कर दिया। चर्चा के दौरान अरुण जेटली ने कहा कि आने वाले दिनों में आधार ही एकमात्र कार्ड होगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में यह वोटर आईडी कार्ड और पैन कार्ड जैसे दस्तावेजों की जगह ले लेगा। इन सभी के मुकाबले एक आधार कार्ड ही किसी भी व्यक्ति की पहचान के लिए काफी होगा। लोकसभा में एक सांसद की ओर से पूछा गया था कि आधार कार्ड जारी किए जाने के बाद भी कई कार्डों की व्यवस्था क्यों लागू है। इसके जवाब में जेटली ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि आने वाले वक्त में आधार ही व्यक्तिगत पहचान और पते के लिए पुख्ता सबूत होगा।

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए आधार को अनिवार्य बनाए जाने के सवाल पर जेटली ने कहा, ‘तमाम लोगों को कई पैन नंबर इस्तेमाल करते हुए पाया गया है। इसलिए सरकार ने इस व्यवस्था को लागू करने का फैसला लिया है।’ जेटली ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘आज 98 फीसदी नागरिकों के पास आधार कार्ड है। टैक्स रिटर्न फाइल करने के दौरान व्यक्ति आधार नंबर दे सकता है या यह बता सकता है कि उसने आवेदन कर दिया है, लेकिन टैक्स चोरी की अनुमति नहीं दी जा सकती है।’

वित्त मंत्री ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को टैक्स की व्यवस्था से जोड़ने की जरूरत है। इसीलिए सरकार ने इस साल टैक्स स्लैब को नीचे लाने का प्रयास किया है। चर्चा के दौरान जेटली ने नोटबंदी को सही फैसला करार देते हुए इकॉनमिस्ट मार्टिन वॉल्फ के एक आर्टिकल का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने इसकी सराहना की है। जेटली ने लेख का हवाला देते हुए कहा, ‘इससे सरकार को ब्लैक मनी पर टैक्स लगाने का मौका मिला है। बड़े पैमाने पर कैश रखने वाले लोगों के लिए रिस्क पैदा हुआ है। इसके अलावा क्रिमिनल्स के पास जमा संपत्ति सरकार के पास आई है।’